सुप्रीम कोर्ट ने कहा, व्यभिचार का आरोपी पति निजता के अधिकार का इस्तेमाल नहीं कर सकता
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि अनुच्छेद 21 के तहत निजता का अधिकार किसी व्यक्ति को व्यभिचार साबित करने के लिए मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और होटल में ठहरने के विवरण का खुलासा करने से नहीं बचा सकता है। दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखते हुए, शीर्ष अदालत ने कहा कि गोपनीयता पूर्ण नहीं है और इसे सार्वजनिक हित में प्रतिबंधित किया जा सकता है, खासकर जब व्यभिचार हिंदू विवाह अधिनियम के तहत तलाक का आधार है।