चंदननगर के जलभरा को मिला जीआई टैग: 220 साल पुरानी बंगाली मिठाई जिसकी शुरुआत एक शादी के मज़ाक के रूप में हुई थी
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
चाशनी का एक विस्फोट, एक दूल्हे का अचंभित होना, रवीन्द्रनाथ टैगोर की स्वीकृति, और एक हलवाई की आविष्कारशील कल्पना। चंदननगर के नए जीआई-टैग जलभरा की कहानी हमें बताती है कि कैसे शिल्प कौशल, स्मृति और एक पूरा शहर एक संदेश के अंदर जीवित रहना सीखता है जो दो टुकड़ों में गायब हो जाता है।