"यदि वसीयत में उल्लिखित संपत्ति किसी के जीवनकाल के दौरान बेची गई थी... तो बिक्री से प्राप्त आय को वसीयत के अनुसार विभाजित किया जाना चाहिए।"
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
उदाहरण सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि भले ही एआई माता-पिता ने एक निश्चित दर पर अपने बच्चों को अचल संपत्ति सौंपने के लिए वसीयत छोड़ने के बाद अपने जीवनकाल के दौरान अचल संपत्ति बेच दी हो, मौजूदा वसीयत को रद्द नहीं माना जा सकता है। 12 तारीख को कानूनी समुदाय के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के तीसरे डिवीजन (मुख्य न्यायाधीश नोह क्यूंग-पिल) ने निचली अदालत के फैसले को पलट दिया कि वादी मृतक ए के बच्चे बी द्वारा अपने भाइयों के खिलाफ दायर वसीयत पुष्टिकरण मुकदमे की अपीलीय सुनवाई में हार गया था, और पिछले महीने मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने का फैसला किया।