सेंट-ऐनी अस्पताल में अपनी इच्छा के विरुद्ध नजरबंद निकोलस डेमोरंड ने अपनी द्विध्रुवीयता से जुड़े अचानक परिवर्तन को याद किया। उनकी गवाही सवाल उठाती है कि कानून में जबरन अस्पताल में भर्ती करने और सहमति के बिना देखभाल का वास्तव में क्या मतलब है।