قال راهول - تبين أن سارثاك البالغ من العمر 18 عامًا أكثر ذكاءً من CBI: كشف سارثاك عن المخالفات في بوابة OSM التابعة لـ CBSE، وهذا انتصار للشباب.
دولي07/06/2026Dainik Bhaskar
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⚡ الخلاصة في سطرين
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रविवार को CBSE स्टूडेंट सार्थक सिद्धांत से मुलाकात का 8.15 मिनट का वीडियो अपने X अकाउंट पर शेयर किया। दोनों की मुलाकात 2 जून को दिल्ली में हुई थी। 18 साल के सार्थक सिद्धांत ने CBSE की 12वीं क्लास के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली और OSM का काम करने वाली कंपनी COEMPT से जुड़ी टेंडर प्रोसेस में गड़बड़ी का खुलासा किया है। राहुल ने कहा कि देश का 18 साल का युवा CBI से तेज निकला, नौजवानों की ये जीत सही मायने में सरकार की हार है। झारखंड के रांची के रहने वाले सार्थक ने भी इस साल 12वीं के एग्जाम दिए थे। नंबर कम आने पर उन्होंने री-इवैल्यूएशन के लिए अपनी स्कैन की गई आंसरशीट मंगाई थीं। गलत नंबर कटने और दूसरी परेशानियों को सार्थक ने सोशल मीडिया पर शेयर था। सार्थक CBSE में सुधार के लिए संसद की स्थायी समिति के सामने 500 पेज की प्रेजेंटेशन भी दे चुके हैं। राहुल और सार्थक की बातचीत का वीडियो अब पढ़िए राहुल और सार्थक की बातचीत… राहुल: यह अच्छा है या बुरा, आप इस पर क्या सोचते हैं। सार्थक: मैंने वही किया जो नागरिक को किसी भी चीज को लेकर करना चाहिए। ये हमारा देश है हर किसी में इतना सिविक सेंस जरूर होना चाहिए कि चीजों को पढ़कर सिस्टम को ट्रांसपेरेंट बनाने के लिए काम करे। चाहें कितनी भी गड़बड़ी हो, लेकिन सुधार के लिए काम करना चाहिए। राहुल: जो हुआ, उसके बारे में आप क्या सोचते हैं?
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रविवार को CBSE स्टूडेंट सार्थक सिद्धांत से मुलाकात का 8.15 मिनट का वीडियो अपने X अकाउंट पर शेयर किया। दोनों की मुलाकात 2 जून को दिल्ली में हुई थी। 18 साल के सार्थक सिद्धांत ने CBSE की 12वीं क्लास के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली और OSM का काम करने वाली कंपनी COEMPT से जुड़ी टेंडर प्रोसेस में गड़बड़ी का खुलासा किया है। राहुल ने कहा कि देश का 18 साल का युवा CBI से तेज निकला, नौजवानों की ये जीत सही मायने में सरकार की हार है। झारखंड के रांची के रहने वाले सार्थक ने भी इस साल 12वीं के एग्जाम दिए थे। नंबर कम आने पर उन्होंने री-इवैल्यूएशन के लिए अपनी स्कैन की गई आंसरशीट मंगाई थीं। गलत नंबर कटने और दूसरी परेशानियों को सार्थक ने सोशल मीडिया पर शेयर था। सार्थक CBSE में सुधार के लिए संसद की स्थायी समिति के सामने 500 पेज की प्रेजेंटेशन भी दे चुके हैं। राहुल और सार्थक की बातचीत का वीडियो अब पढ़िए राहुल और सार्थक की बातचीत… राहुल: यह अच्छा है या बुरा, आप इस पर क्या सोचते हैं। सार्थक: मैंने वही किया जो नागरिक को किसी भी चीज को लेकर करना चाहिए। ये हमारा देश है हर किसी में इतना सिविक सेंस जरूर होना चाहिए कि चीजों को पढ़कर सिस्टम को ट्रांसपेरेंट बनाने के लिए काम करे। चाहें कितनी भी गड़बड़ी हो, लेकिन सुधार के लिए काम करना चाहिए। राहुल: जो हुआ, उसके बारे में आप क्या सोचते हैं? सार्थक: निसर्ग अधिकारी एथिकल हैकर है। उसने मुझे ग्रुप चैट पर OSM पोर्टल की गड़बड़ी शेयर की। मैंने देखा तो पाया कि उसमें सबकुछ ऑनमार्क द्वारा किया गया था। ऑनमार्क OSM इवैल्यूएशन के लिए एडटेक सॉल्यूशन कंपनी है। मैंने इसके बारे में और पता लगाया। निसर्ग ने मुझे दूसरी यूनिवर्सिटीज की भी डिटेल भेजी, जो ऑनमार्क का यूज करती थीं। उनमें भी गड़बड़ी दिखी। इसके बाद मुझे लगा कि सीबीएसई क्यों ऐसी कंपनी का यूज कर रही है, जिसके साथ इतनी गड़बड़ियां जुड़ी हैं। राहुल: 18 साल का लड़का लूपहोल ढूंढ सकता है, तो ये बड़ा सिस्टम क्यों नहीं? सार्थथ: मुझे लगता है कि ये लोग अपना काम जिम्मेदारी से नहीं कर रहे हैं। 3 बार टेंडर बदला गया, रुल्स बदले गए, इसके बाद कॉन्ट्रैक्ट COEMPT एडुटेक को दिया गया। गड़बड़ी की बात सामने आने पर भी जांच नहीं की गई, रुल्स बार-बार बदले गए। हो सकता है कि उन्हें (CBSE) को कंपनी ज्यादा पसंद हो या उन्हें हम 17 लाख स्टूडेंट्स के फ्यूचर की चिंता नहीं हो।
राहुल: आप इतने जिज्ञासु कैसे हैं, देश का एजुकेशन सिस्टम स्टूडेंट्स में जिज्ञासा को मार रहा है। सार्थक: मुझे लगता है कि देश का एजुकेशन सिस्टम स्टूडेंट्स में जिज्ञासा को मार रहा है। मुझे ये इसलिए है क्योंकि मेरे माता-पिता दोनों ही कंप्यूटर इंजीनियर रहे हैं। मैंने CBSE के सभी 576 टेंडर खंगाले। GEM पोर्टल भी खंगाला, वहां कुछ नहीं मिला। इसके बाद गूगल से जानकारी जुटाई। COEMPT को टेंडर देने से पहले 2 बार टेंडर कैंसिल किया गया। OSM सिस्टम लाने के केवल 74 दिन पहले ही ये टेंडर कंपनी को दिया गया। 1 जून: राहुल गांधी ने CBSE छात्रों से बात की राहुल गांधी ने CBSE 12वीं क्लास के छात्रों से मुलाकात की थी। उन्होंने बातचीत का 1.30 मिनट का वीडियो पोस्ट किया था। कैप्शन में लिखा- जिन साहसी युवाओं ने CBSE और मोदी सरकार से आसान सवाल पूछे, उन्हें जवाब की जगह अपमान मिला। वीडियो में छात्रों ने राहुल से कहा था कि आंसर शीट को लेकर सवाल पूछने पर हमें एंटी-नेशनल, डीप स्टेट एजेंट्स (जासूस), आतंकवादी और पाकिस्तानी कहा गया। राहुल ने हंसते हए कहा- 17 साल के डीप स्टेट एजेंट्स। राहुल से जिन छात्रों से बात की, उनमें वेदांत भी शामिल थे। वेदांत की एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि री-इवैल्यूएशन के दौरान पोर्टल पर उनकी फिजिक्स कॉपी की जगह किसी और की कॉपी अपलोड की गई थी। वेदांत के बाद कई अन्य छात्रों ने भी ऐसी शिकायतें कीं। राहुल बोले- PM आम पर बोलते हैं, छात्रों के लिए समय नहीं राहुल गांधी ने छात्रों से बातचीत का वीडियो पोस्ट करने के करीब 6 घंटे बाद एक और पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था आज सुबह प्रधानमंत्री के पास आमों पर बात करने का समय था, लेकिन उन 18. لم يكن هناك وقت للحديث عن 5 لكح الطلاب. وزعم راهول أنه تم مسح نسخ الطلاب ضوئيًا بالهواتف المحمولة. قال- في مناقصة CBSE في مايو 2025، كان هناك شرط لمسح أوراق الإجابة باستخدام ماسح ضوئي آلي بجودة 300 نقطة في البوصة. لكن في المناقصة الجديدة الصادرة في أغسطس، تمت إزالة هذه الشروط وتم تخفيض جودة المسح من 300 نقطة في البوصة إلى 200 نقطة في البوصة. 27 مايو: أثار راهول أسئلة حول الشركة التي تقوم بأعمال OSM. كما أثار راهول غاندي أسئلة حول COEMPT، الشركة التي تقوم بأعمال OSM. وقال إن شركة COEMPT التي منحها CBSE عقد التقييم الرقمي للاختبار، كانت تسمى سابقًا Globarina. تساءل راهول عن سبب منح عقد CBSE لشركة COEMPT وعلى من نصيحته. ما هي القواعد والإجراءات التي تم تجاوزها وتم منح العقد لهذه الشركة؟ كان COEMPT متورطًا في وقت سابق في الجدل تحت اسم Globarina، فلماذا لم يعرف CBSE ذلك؟ ما هي العلاقة بين إدارة COEMPT وحكومة مودي. 27 مايو: قالت CBSE- تم منح العقد للشركة وفقًا للقواعد. ومع ذلك، رفضت CBSE مزاعم راهول. وفي بيان صادر عن مقر CBSE، قيل أنه تم اتباع جميع القواعد النهائية العامة والإجراءات المنصوص عليها في منح العقد لشركة COEMPT Edutech. الادعاءات كاذبة ومضللة ولا تستند إلى حقائق. يقول CBSE أن هذا يجعل التحقق أسرع وأكثر دقة ويقلل الأخطاء في إضافة العلامات أو إدخال البيانات. وبعد النتائج حدث العكس. اشتكى الطلاب من تعطل الخادم وفشل الدفع والصفحات غير الواضحة. COEMPT متهم بارتكاب مخالفات في امتحان مجلس تيلانجانا. COEMPT Edutech هي شركة مقرها في دار آباد، تيلانجانا. تقوم هذه الشركة بأعمال التقييم الرقمي في ولايات مثل تيلانجانا وكارناتاكا والبنغال الغربية. في عام 2019، كان اسمها Globarena Technologies Pvt. Ltd. ثم تم اتهامها بارتكاب مخالفات في معالجة البيانات في امتحان المجلس الثاني عشر في تيلانجانا. في ذلك العام، فشل أكثر من 3 ملايين طفل من أصل 9.74 ألف طفل في الولاية. --------------------------------- اقرأ هذا الخبر أيضًا... وصل الآباء إلى المحكمة العليا ضد سياسة CBSE بثلاث لغات، وعارضوا تنفيذها في الفصل 9. وقد تم الطعن في سياسة CBSE بثلاث لغات في المحكمة العليا من قبل مجموعة من 19 شخصًا. وتشمل هذه الطلاب وأولياء الأمور والمعلمين. تم تقديم هذا الالتماس ضد تطبيق سياسة اللغات الثلاث في الصف التاسع. سوف تستمع SC ضد هذا الأسبوع المقبل. إقرأ الخبر كاملا…