मनोवैज्ञानिक ताशा सीटर के अनुसार, क्या होगा अगर, सफल होने के हमारे प्रयासों के पीछे, केवल तीन मूलभूत ज़रूरतें ही वास्तव में हमारी खुशी तय करती हैं? उनका दृष्टिकोण वैज्ञानिक डेटा और ठोस अभ्यासों को जोड़कर यह सवाल उठाता है कि वास्तव में हमारे दैनिक जीवन में क्या कमी है।