निपाह की पृष्ठभूमि में केरल की ज़ूनोटिक क्षमता
📖 लेख स्रोत — 🇬🇧 अंग्रेज़ीराज्य में निपाह वायरस फैलने का चरम जोखिम अप्रैल से सितंबर तक होता है, जब मौसमी फलों से लदे पेड़ों की बहुतायत, चमगादड़ों की बढ़ती गतिविधि, चमगादड़ों के प्रजनन का मौसम और वायरल शेडिंग की गतिशीलता मेल खाती है, जिससे मानव जोखिम का खतरा बढ़ जाता है। केरल में पहले प्रकोप के बाद से यह पैटर्न नहीं बदला है।
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