[हरित विश्व] एक ऐसा युग जिसमें पारिस्थितिक निगमों की आवश्यकता है
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
हाल ही में, जैसे-जैसे जानवरों और पौधों के क्षतिग्रस्त होने और पहाड़ों और नदियों के क्षतिग्रस्त होने के मामलों की संख्या बढ़ रही है, पारिस्थितिक निगमों पर चर्चा प्रमुखता प्राप्त कर रही है। पारिस्थितिक निगम एक ऐसी प्रणाली है जो मानव-केंद्रित कानूनी प्रणाली से परे प्राकृतिक वस्तुओं के कानूनी अधिकारों को मान्यता देना चाहती है। जब कोई प्राकृतिक वस्तु कानूनी व्यक्तित्व प्राप्त कर लेती है, तो वह अधिकारों का विषय और मुकदमे में पक्षकार बन सकती है। मनुष्यों के बजाय निगमों को कानूनी व्यक्तित्व प्रदान करना, आधुनिक पूंजीवादी अर्थव्यवस्था की मुख्य प्रेरक शक्ति के रूप में कार्य करता है। एक निगम जैसे कि एक कंपनी एक निगम है...