काम की दुनिया: काम पर भावनात्मक हेरफेर कैसे कर्मचारियों पर दबाव डालता है
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
आप मुझे फाँसी पर नहीं छोड़ सकते: यदि बॉस भावनाओं के साथ बहस करते हैं, तो सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। क्योंकि जो मानव-केंद्रित नेतृत्व जैसा लगता है वह जल्दी ही भावनात्मक हेरफेर में बदल सकता है। इस तरह प्रभावित लोग अपना बचाव कर सकते हैं।