दक्षिण की आवाज
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
जानकी ने हिंदी और सिंहली में भी गाया, लेकिन दक्षिण भारतीय भाषाओं में उन्होंने अपनी पहचान बनाई। उनकी प्रस्तुति प्रेम और करुणा से ओत-प्रोत थी और अक्सर बीते समय की याद दिलाती थी
जानकी ने हिंदी और सिंहली में भी गाया, लेकिन दक्षिण भारतीय भाषाओं में उन्होंने अपनी पहचान बनाई। उनकी प्रस्तुति प्रेम और करुणा से ओत-प्रोत थी और अक्सर बीते समय की याद दिलाती थी