'भांग एनडीपीएस के अंतर्गत शामिल नहीं है': क्यों झारखंड HC ने 11 किलो 'गांजा' की सजा को पलट दिया?
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
11 किलोग्राम संदिग्ध गांजा रखने के आरोप में झारखंड के एक व्यक्ति की सात साल की जेल की सजा को पलट दिया गया है। उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि जब्त किया गया पदार्थ भांग था, जिसे एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्रतिबंधित मादक पदार्थ के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि गांजा और चरस के विपरीत, भांग को अधिनियम की भांग की परिभाषा से बाहर रखा गया है, जिससे इसे रखना अपराध नहीं है। दोषसिद्धि को अवैध माना गया।