आज बी-52 का महत्व न केवल इसकी पुरानी परमाणु क्षमताओं से है, बल्कि इसकी भूमिका की दोहरीता से भी है। यह एक ऐसा विमान है जिसका उपयोग पारंपरिक मिशनों के लिए किया जा सकता है, जैसा कि कई युद्धों में हुआ है, और साथ ही यह रणनीतिक निरोध गणना का हिस्सा बना हुआ है।