राजा रघुवंशी हत्याकांड, सोनम बोली- इंदौर नहीं जाऊंगी:अफवाहों पर कहा- नेपाल नहीं भागी, शिलॉन्ग में ही हूं; खर्चों के सवाल पर कहा- नहीं बताऊंगी
📖 मूल पढ़ेंइंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी और मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी ने ईस्ट मोजो चैनल से बातचीत में कहा कि वह नेपाल नहीं भागी है। मेरे बारे में झूठी बातें फैलाई जा रही हैं। जनता से यही कहना चाहती हूं कि किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें। मेरे नेपाल भागने की खबरें पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं। सोनम रघुवंशी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने आरोप लगाया था कि सशर्त जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद सोनम देश छोड़कर नेपाल भाग गई है। उन्होंने मामले की CBI जांच कराने की भी मांग की थी। सोनम से सवाल और उसके जवाब पढ़िए… सवाल: क्या आप जमानत के बाद से कोर्ट से तय की गई सभी शर्तों का पालन कर रही हैं? सोनम रघुवंशी: हां, मुझे न्यायालय से जो भी जमानत की शर्तें मिली हैं, मैंने हमेशा उनका पूरी तरह पालन किया है और मैं उस दायरे को कभी नहीं तोड़ूंगी। सवाल: जमानत के बाद से आप कहां रह रही हैं, अपने खर्चे कैसे कर रही हैं? सोनम रघुवंशी: वर्तमान में शिलॉन्ग में ही रह रही हूं। शिलॉन्ग से बाहर बिल्कुल नहीं गई हूं। रही बात खर्चों की, तो उसके बारे में मैं कुछ नहीं बताना चाहती। वह मेरा निजी मामला है। सुरक्षा कारणों की वजह से शिलॉन्ग के भीतर अपने सटीक रहने के स्थान को सार्वजनिक नहीं कर सकती। सवाल: आप शिलॉन्ग छोड़ने की प्लानिंग कर रही हैं, क्या आपका अभी इंदौर जाने का कोई विचार है ? सोनम रघुवंशी: नहीं, मेरा अभी इंदौर जाने का कोई विचार नहीं है, क्योंकि मेरा मामला अभी यहीं चल रहा है। जब तक यह पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, मैं कहीं नहीं जाऊंगी। अभी मामले की सुनवाई चल रही है। लोग मेरे बारे में पूरी तरह झूठ बोल रहे हैं। सवाल: पहले दिन से ही जनता की राय आपके खिलाफ दिखाई दे रही है, आपकी खुद की क्या राय है ? सोनम रघुवंशी: मेरा मामला अभी न्यायालय में सुनवाई के चरण में है, इसलिए मैं इस विषय पर अभी और कुछ नहीं बोलना चाहूंगी। सवाल: कोर्ट की कार्यवाही में सहयोग करने की अपनी कमिटमेंट को लेकर आप क्या कहना चाहेंगी? सोनम रघुवंशी: हां, मैंने हमेशा कोर्ट की हर कार्यवाही में पूरा सहयोग किया है। आगे भी करती रहूंगी। मुझे जो भी शर्तें दी गई थीं, उनका सम्मान करते हुए पालन कर रही हूं। मेरे मन में अपने न्याय तंत्र के लिए हमेशा से बहुत सम्मान रहा है और आगे भी रहेगा। बचाव पक्ष के वकील सुदीप राणा से सीधे सवाल-जवाब सवाल: मृतक के भाई विपिन रघुवंशी ने आप पर सोनम रघुवंशी को नेपाल भागने में मदद करने का आरोप लगाया है ? वकील सुदीप राणा: यह पूरी तरह से झूठा और बेबुनियाद आरोप है। सिर्फ इसलिए कि मैं नेपाली मूल का हूं, इसका मतलब यह कतई नहीं है कि मैं नेपाल से हूं या मेरा वहां कोई संबंध है। मेरा जन्म और पालन-पोषण शिलांग शहर में ही हुआ है और मेरी पूरी पढ़ाई-लिखाई भी यहीं हुई है। नेपाल में मेरा कोई नहीं है। इस आरोप के झूठे होने का सबसे बड़ा प्रमाण यही है कि सोनम आज खुद यहां मौजूद है। आज न्यायालय में इस मामले की सुनवाई निर्धारित थी और वह व्यक्तिगत रूप से शिलांग में पेश हुई है। मैं भी इस समय न्यायालय परिसर में ही हूं, जिससे साफ साबित होता है कि हम कभी शिलांग से बाहर गए ही नहीं। सवाल: सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर चल रही सुनवाई में सोनम रघुवंशी की भूमिका को आप कैसे देखते हैं ? वकील सुदीप राणा: देखिए, मामले में पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है। अभियोजन पक्ष (सरकारी वकील) की ओर से बहस पूरी हो चुकी है। आज की तारीख हमारा जवाब दाखिल करने के लिए तय की गई थी और हमने अपना जवाब न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। हमने विशेष रूप से हथियार कानून (आर्म्स एक्ट) की धाराओं को लेकर अपना पक्ष रखा है कि क्या सोनम के खिलाफ यह कानून लागू होता है या नहीं। अब इस बिंदु पर जवाब देने के लिए सरकारी वकील ने सोमवार तक का समय मांगा है। चूंकि मामला अभी लंबित है, इसलिए हम इतना ही कह सकते हैं कि यह अभी सुनवाई के चरण में है। सवाल: (बचाव पक्ष की महिला वकील प्रीति प्रधान से सवाल) आप आरोपी की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर रही हैं ? वकील प्रीति प्रधान: जहां तक आरोपी की सुरक्षा व्यवस्था का सवाल है, इस समय इस प्रश्न को छोड़ देना ही बेहतर होगा। वह शिलांग शहर में ही सुरक्षित है और मेरे लिए अभी उसकी सुरक्षा व्यवस्थाओं या उसे मिल रही सुरक्षा के बारे में विस्तार से बात करना उचित नहीं होगा। लड़की के लिए केंद्रीय जांच हो सकती है, तो लड़के के लिए क्यों नहीं राजा रघुवंशी हत्याकांड में न्याय की लड़ाई लड़ रहे उनके भाई विपिन रघुवंशी मामले की जांच CBI से कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। विपिन रघुवंशी का तर्क है कि जब देश में लड़कियों से जुड़े चर्चित मामलों (जैसे ट्विशा मामला) की जांच केंद्रीय एजेंसी कर सकती है, तो एक लड़के की बेरहमी से हुई हत्या के मामले में ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता? उनका कहना है कि यह मामला भी बेहद संवेदनशील और चर्चित है। साथ ही, इसमें मध्य प्रदेश और मेघालय जैसे दो अलग-अलग राज्यों का पहलू भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में, उनके अनुसार, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने के लिए इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए। अब पढ़िए कैसे रची गई थी मर्डर की साजिश ? 11 मई 2025 को इंदौर के बड़े ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी सोनम रघुवंशी से धूमधाम से हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद दोनों हनीमून मनाने के लिए मेघालय गए। वहां पहुंचने के कुछ ही दिनों बाद, 23 मई 2025 को दोनों अचानक लापता हो गए, जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की। 3 जून 2025 को पुलिस ने मेघालय की एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद किया। इसके बाद जब जांच एजेंसियों ने मामले की गहन तफ्तीश शुरू की, तो हनीमून की आड़ में रची गई कथित हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस ने इस मामले में कथित रूप से शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान जब विभिन्न कड़ियों को जोड़ा गया, तो मृतक राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी की भूमिका भी पुलिस जांच में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उसे आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल, सोनम रघुवंशी के सार्वजनिक रूप से सामने आने और अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है और कानूनी लड़ाई ने नया मोड़ ले लिया है।
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