इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी और मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी ने ईस्ट मोजो चैनल से बातचीत में कहा कि वह नेपाल नहीं भागी है। मेरे बारे में झूठी बातें फैलाई जा रही हैं। जनता से यही कहना चाहती हूं कि किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें। मेरे नेपाल भागने की खबरें पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं। सोनम रघुवंशी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने आरोप लगाया था कि सशर्त जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद सोनम देश छोड़कर नेपाल भाग गई है। उन्होंने मामले की CBI जांच कराने की भी मांग की थी। सोनम से सवाल और उसके जवाब पढ़िए… सवाल: क्या आप जमानत के बाद से कोर्ट से तय की गई सभी शर्तों का पालन कर रही हैं? सोनम रघुवंशी: हां, मुझे न्यायालय से जो भी जमानत की शर्तें मिली हैं, मैंने हमेशा उनका पूरी तरह पालन किया है और मैं उस दायरे को कभी नहीं तोड़ूंगी। सवाल: जमानत के बाद से आप कहां रह रही हैं, अपने खर्चे कैसे कर रही हैं? सोनम रघुवंशी: वर्तमान में शिलॉन्ग में ही रह रही हूं। शिलॉन्ग से बाहर बिल्कुल नहीं गई हूं। रही बात खर्चों की, तो उसके बारे में मैं कुछ नहीं बताना चाहती। वह मेरा निजी मामला है। सुरक्षा कारणों की वजह से शिलॉन्ग के भीतर अपने सटीक रहने के स्थान को सार्वजनिक नहीं कर सकती। सवाल: आप शिलॉन्ग छोड़ने की प्लानिंग कर रही हैं, क्या आपका अभी इंदौर जाने का कोई विचार है ? सोनम रघुवंशी: नहीं, मेरा अभी इंदौर जाने का कोई विचार नहीं है, क्योंकि मेरा मामला अभी यहीं चल रहा है। जब तक यह पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, मैं कहीं नहीं जाऊंगी। अभी मामले की सुनवाई चल रही है। लोग मेरे बारे में पूरी तरह झूठ बोल रहे हैं। सवाल: पहले दिन से ही जनता की राय आपके खिलाफ दिखाई दे रही है, आपकी खुद की क्या राय है ? सोनम रघुवंशी: मेरा मामला अभी न्यायालय में सुनवाई के चरण में है, इसलिए मैं इस विषय पर अभी और कुछ नहीं बोलना चाहूंगी। सवाल: कोर्ट की कार्यवाही में सहयोग करने की अपनी कमिटमेंट को लेकर आप क्या कहना चाहेंगी? सोनम रघुवंशी: हां, मैंने हमेशा कोर्ट की हर कार्यवाही में पूरा सहयोग किया है। आगे भी करती रहूंगी। मुझे जो भी शर्तें दी गई थीं, उनका सम्मान करते हुए पालन कर रही हूं। मेरे मन में अपने न्याय तंत्र के लिए हमेशा से बहुत सम्मान रहा है और आगे भी रहेगा। बचाव पक्ष के वकील सुदीप राणा से सीधे सवाल-जवाब सवाल: मृतक के भाई विपिन रघुवंशी ने आप पर सोनम रघुवंशी को नेपाल भागने में मदद करने का आरोप लगाया है ? वकील सुदीप राणा: यह पूरी तरह से झूठा और बेबुनियाद आरोप है। सिर्फ इसलिए कि मैं नेपाली मूल का हूं, इसका मतलब यह कतई नहीं है कि मैं नेपाल से हूं या मेरा वहां कोई संबंध है। मेरा जन्म और पालन-पोषण शिलांग शहर में ही हुआ है और मेरी पूरी पढ़ाई-लिखाई भी यहीं हुई है। नेपाल में मेरा कोई नहीं है। इस आरोप के झूठे होने का सबसे बड़ा प्रमाण यही है कि सोनम आज खुद यहां मौजूद है। आज न्यायालय में इस मामले की सुनवाई निर्धारित थी और वह व्यक्तिगत रूप से शिलांग में पेश हुई है। मैं भी इस समय न्यायालय परिसर में ही हूं, जिससे साफ साबित होता है कि हम कभी शिलांग से बाहर गए ही नहीं। सवाल: सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर चल रही सुनवाई में सोनम रघुवंशी की भूमिका को आप कैसे देखते हैं ? वकील सुदीप राणा: देखिए, मामले में पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है। अभियोजन पक्ष (सरकारी वकील) की ओर से बहस पूरी हो चुकी है। आज की तारीख हमारा जवाब दाखिल करने के लिए तय की गई थी और हमने अपना जवाब न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। हमने विशेष रूप से हथियार कानून (आर्म्स एक्ट) की धाराओं को लेकर अपना पक्ष रखा है कि क्या सोनम के खिलाफ यह कानून लागू होता है या नहीं। अब इस बिंदु पर जवाब देने के लिए सरकारी वकील ने सोमवार तक का समय मांगा है। चूंकि मामला अभी लंबित है, इसलिए हम इतना ही कह सकते हैं कि यह अभी सुनवाई के चरण में है। सवाल: (बचाव पक्ष की महिला वकील प्रीति प्रधान से सवाल) आप आरोपी की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर रही हैं ? वकील प्रीति प्रधान: जहां तक आरोपी की सुरक्षा व्यवस्था का सवाल है, इस समय इस प्रश्न को छोड़ देना ही बेहतर होगा। वह शिलांग शहर में ही सुरक्षित है और मेरे लिए अभी उसकी सुरक्षा व्यवस्थाओं या उसे मिल रही सुरक्षा के बारे में विस्तार से बात करना उचित नहीं होगा। लड़की के लिए केंद्रीय जांच हो सकती है, तो लड़के के लिए क्यों नहीं राजा रघुवंशी हत्याकांड में न्याय की लड़ाई लड़ रहे उनके भाई विपिन रघुवंशी मामले की जांच CBI से कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। विपिन रघुवंशी का तर्क है कि जब देश में लड़कियों से जुड़े चर्चित मामलों (जैसे ट्विशा मामला) की जांच केंद्रीय एजेंसी कर सकत Entonces, ¿por qué no se puede hacer lo mismo en el caso del brutal asesinato de un niño? Dice que este asunto también es muy delicado y discutido. Además, también implica el aspecto de dos estados diferentes como Madhya Pradesh y Meghalaya. En tal situación, según él, todo el asunto debería ser investigado por una agencia central para una investigación justa y para sacar a la luz la verdad. Ahora lea cómo se tramó la conspiración para asesinar. El 11 de mayo de 2025, el gran empresario del transporte de Indore, Raja Raghuvanshi, se casó con Sonam Raghuvanshi con gran pompa. Unos días después de la boda, ambos fueron a Meghalaya de luna de miel. Unos días después de llegar allí, ambos desaparecieron repentinamente el 23 de mayo de 2025, tras lo cual la policía empezó a buscarlos. El 3 de junio de 2025, la policía recuperó el cuerpo de Raja Raghuvanshi de una profunda zanja en Meghalaya. Después de esto, cuando las agencias de investigación iniciaron una investigación exhaustiva del caso, se reveló la supuesta conspiración de asesinato tramada bajo el pretexto de una luna de miel. La policía arrestó a varios acusados ​​presuntamente involucrados en este caso. Cuando se vincularon varios vínculos durante la investigación, la investigación policial también reveló el papel de Sonam Raghuvanshi, esposa del fallecido Raja Raghuvanshi, como conspiradora clave. Después de esto, la policía lo arrestó, lo acusó y lo envió a la cárcel. En la actualidad, después de que Sonam Raghuvanshi se presentara públicamente y negara las acusaciones en su contra, este asunto vuelve a ser noticia y la batalla legal ha tomado un nuevo giro.