पत्नी को 'स्त्रीधन' से सिर्फ इसलिए इनकार नहीं किया जा सकता क्योंकि उसके पास कोई बिल या रसीद नहीं है: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि पत्नी को स्त्रीधन के लिए बिल पेश करने की आवश्यकता नहीं है। पत्नी के स्त्रीधन लेख के संबंध में पति की अपील खारिज कर दी गई। अदालत ने कहा कि रसीदें आम तौर पर शादी के बाद पति के परिवार द्वारा रखी जाती हैं। दस्तावेजों की अनुपस्थिति पत्नी के अपने सामान के दावे को खारिज नहीं करती है। पति को स्त्रीधन वापस करना होगा या दो लाख रुपये देने होंगे।