Pengadilan Tinggi Kerala mengatakan- Gadis viral sudah dewasa: Uang jaminan transit satu bulan diberikan kepada suami karena mengajukan petisi jaminan kepada anggota parlemen, polisi tidak akan bisa menangkapnya
📖 Sumber artikel — 🇮🇳 Hindiकेरल हाईकोर्ट ने वायरल गर्ल को प्रथम दृष्टया बालिग मानते हुए उसके पति को एक महीने की ट्रांजिट बेल दे दी है। अब एक महीने तक मध्य प्रदेश पुलिस उसके पति को गिरफ्तार नहीं कर सकेगी। वह अग्रिम जमानत के लिए मध्य प्रदेश की कोर्ट में याचिका लगा सकता है। हाईकोर्ट के जज कौसर एडप्पागथ ने कहा- युवती के जन्म प्रमाणपत्र में उसके पैदा होने की तारीख 1 जनवरी 2008 दर्ज है, इसलिए वह बालिग है। इस पर मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने दावा किया कि ये प्रमाणपत्र फर्जी है। असलियत में वायरल गर्ल नाबालिग है। जज ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और कहा- जन्म प्रमाणपत्र के अतिरिक्त आवेदक क्रमांक-2 (वायरल गर्ल) का वोटर आईडी और बैंक पासबुक भी कोर्ट में पेश किए गए हैं। जिनसे यह स्पष्ट होता है कि वह बालिग है। वह स्वयं भी बालिग होने का दावा कर रही है। वायरल गर्ल ने शपथपत्र भी दिया है कि उसने आवेदक क्रमांक-1 के साथ विवाह किया है। अदालत ने वायरल गर्ल के पति की जमानत याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि वह 3 जून से एक महीने के भीतर मध्य प्रदेश की सक्षम अदालत में अग्रिम जमानत की मांग कर सकता है। इस अवधि के समाप्त होने तक उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। दलील- युवती हिंदू और युवक मुसलमान, मंदिर में शादी जायज नहीं वायरल गर्ल और उसके पति ने अपनी संयुक्त याचिका में दावा किया था कि यदि वे मध्य प्रदेश जाते हैं तो अलग-अलग धर्मों से होने के कारण कट्टरपंथी तत्वों द्वारा उनकी ऑनर किलिंग की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा था कि गिरफ्तारी से संरक्षण के आदेश के बिना वे न तो यात्रा कर सकते हैं और न ही मध्य प्रदेश में जमानत याचिका दायर करने के लिए किसी वकील से संपर्क कर सकते हैं। वहीं, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अदालत को बताया- युवती हिंदू है और उसका पति मुस्लिम, इसलिए मंदिर में हुआ उनका विवाह वैध नहीं है। इस आधार पर स्थानीय मैरिज रजिस्ट्रार को उन्हें विवाह प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार नहीं है। फिल्म शूटिंग के दौरान हुई थी दोनों की मुलाकात दरअसल, वायरल गर्ल की मुलाकात केरल में फिल्म शूटिंग के दौरान युवक से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और मार्च 2026 में दोनों ने शादी कर ली। मामला उस समय विवादों में आया, जब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने विवाह पर आपत्ति जताई। आयोग का दावा था कि शादी के समय वायरल गर्ल की उम्र 16 वर्ष थी और विवाह के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद खरगोन पुलिस ने वायरल गर्ल के पति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। डायरेक्टर के खिलाफ केरल में दर्ज कराई थी FIR वायरल गर्ल ने 29 अप्रैल 2026 को डायरेक्टर सनोज मिश्रा और तीन अन्य के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में FIR कराई थी। FIR के बाद केरल की एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस ने केस दर्ज जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि जब वह नाबालिग थी, तब डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने फिल्म 'द डायरी ऑफ मणिपुर' की शूटिंग के दौरान उसके साथ दुर्व्यवहार किया था। मिश्रा ने उसे एक्टिंग के मौके देने का झांसा देकर उसका शोषण किया। आरोपियों में केरल के विहिप नेता और वकील अनिल विलायल भी शामिल हैं। पीड़िता ने उन पर सोशल मीडिया पर बदनामी करने का आरोप लगाया है। दो अन्य आरोपियों के नामों का फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है। फिल्म डायरेक्टर बोले- आरोप सोची-समझी साजिश उधर, फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने इन आरोपों को सोची-समझी साजिश बताया है। दावा किया कि उन्हें 'लव जिहाद' जैसे मुद्दों पर आवाज उठाने के कारण निशाना बनाया जा रहा है। मिश्रा ने आरोप लगाया कि उनकी फिल्म की अभिनेत्री को बहला-फुसलाकर केरल पहुंचाया गया। नाबालिग लड़की से फर्जी कागजों के आधार पर शादी की गई। अब मामले में आवाज उठाने पर उन्हें ही झूठे केस में फंसाया जा रहा है। जन्मतिथि के दो अलग-अलग प्रमाण पत्र मिले थे वायरल गर्ल की शादी शुरू से विवाद में है। पहले इसे ‘लव जिहाद’ बताया गया, फिर परिवार ने नाबालिग होने का दावा किया। जांच में महेश्वर नगर परिषद के जन्म प्रमाण पत्र में विसंगतियां मिली थीं। मेडिकल रिकॉर्ड के अनुसार उसका जन्म 30 दिसंबर 2009 को हुआ था। 11 मार्च 2026 को शादी के समय उसकी उम्र 16 साल, 2 महीने और 12 दिन थी। इसके बाद प्रशासन ने 1 जनवरी 2008 वाले पुराने प्रमाण पत्र को निरस्त करने के निर्देश दिए थे। परिजन ने कहा था- बहला-फुसलाकर शादी की वायरल गर्ल के माता-पिता की शिकायत है कि युवक ने उसे बहला-फुसलाकर शादी के लिए राजी किया था। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में सामने आया कि शादी के समय वह नाबालिग थी। इसके बाद पति पर POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ। इस मामले में बयान के लिए उसे पुलिस के सामने पेश होना Dulu. Gadis viral itu menuduh orang tuanya melakukan penyiksaan. Gadis viral itu memberikan pernyataan di kantor polisi Thampanoor di Kerala, menuduh orang tuanya melakukan penyiksaan. Dia mengatakan bahwa anggota keluarganya menekannya untuk menikahi putra pamannya, meskipun dia menganggapnya sebagai saudara laki-lakinya. Pria muda itu mendukungnya selama tekanan mentalnya. Ketika kedekatan mereka berubah menjadi cinta, keduanya menikah di sebuah kuil di Kerala di hadapan masyarakat setempat.
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