'हड्डियां दिखने लगी हैं': भूख हड़ताल के बीच सोनम वांगचुक का वजन 7.5 किलो कम हुआ
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
सोनम वांगचुक ने कहा कि जंतर मंतर पर तेरह दिनों के उपवास के बाद उनकी भूख स्थिर हो गई है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध के उनके संवैधानिक अधिकार का अधिकारियों द्वारा उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए। वांगचुक परीक्षा अनियमितताओं और लंबित लद्दाख मुद्दों के लिए जवाबदेही की मांग करने वाले छात्रों का समर्थन करते हैं। उनका मानना है कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा राजनीतिक रूप से युवाओं का विश्वास बहाल कर सकता है। 20 जुलाई को संसद तक नियोजित मार्च के साथ विरोध जारी है।