WMO ने जुलाई-सितंबर के दौरान तेजी से अल नीनो विकसित होने की चेतावनी दी है
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
अल नीनो के तीव्र विकास से वैश्विक चरम मौसम में तीव्रता आने की संभावना है, जिसमें लू और सूखा भी शामिल है, जिसका असर भारतीय उपमहाद्वीप पर पड़ेगा। भारत पहले से ही भारी वर्षा की कमी का सामना कर रहा है, जून में 40% की कमी दर्ज की गई, जिससे ख़रीफ़ फसल की बुआई गंभीर रूप से प्रभावित हुई और कुल क्षेत्रफल 23% कम हो गया। यह कृषि के लिए एक गंभीर चुनौती है, विशेषकर वर्षा आधारित क्षेत्रों में।