जैसे ही विशाखापत्तनम आसमान की ओर बढ़ता है, भूजल येंदादा-मधुरवाड़ा गलियारे में डूब जाता है
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि शहर की तीव्र ऊर्ध्वाधर वृद्धि पानी की आपूर्ति और प्राकृतिक पुनर्भरण से आगे निकल रही है, जिससे इसके सबसे तेजी से बढ़ते उपनगर बोरवेल और टैंकरों पर अधिक निर्भर हो गए हैं।