पंजीकरण के बावजूद कोई विवाह अनुष्ठान नहीं, कोई वैध हिंदू विवाह नहीं: गुजरात उच्च न्यायालय
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
गुजरात उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि यदि सप्तपदी जैसे आवश्यक धार्मिक संस्कार कभी नहीं किए गए हैं तो केवल विवाह प्रमाण पत्र हिंदू विवाह को मान्य नहीं कर सकता है। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि पंजीकरण केवल पहले से ही वैध विवाह को साबित करता है, इसे बनाता नहीं। इस निर्णय ने उस विवाह को रद्द कर दिया जहां महिला ने स्वीकार किया कि पंजीकृत प्रमाण पत्र के बावजूद कोई अनुष्ठान नहीं हुआ, जो दस्तावेज़ीकरण पर धार्मिक समारोहों की प्रधानता को उजागर करता है।