"प्रतिस्पर्धी नहीं हैं": धातु और विद्युत उद्योगों को विकास की उम्मीद नहीं है - बल्कि नौकरियों में कटौती की उम्मीद है
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
देश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में हालात लगातार ख़राब होते जा रहे हैं। लगभग 42 प्रतिशत कंपनियाँ अपनी स्थिति को ख़राब बताती हैं। धातु और विद्युत कंपनियाँ भी भविष्य को लेकर बहुत आशावादी नहीं हैं - निवेश और नौकरियों पर ध्यान देने योग्य परिणाम होंगे।