जून में अच्छे संकेतों के कारण विदेशी निकासी कम हो गई
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
विदेशी निवेशकों ने जून में भारतीय इक्विटी की बिक्री काफी कम कर दी, जबकि बहिर्प्रवाह दिसंबर 2025 के निचले स्तर पर था। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और भू-राजनीतिक तनाव में कमी, विशेष रूप से प्रारंभिक यूएस-ईरान समझौते के बाद, बाजार की धारणा में सुधार हुआ। जबकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक साल-दर-साल शुद्ध विक्रेता रहे हैं, घरेलू निवेशकों ने अपनी मजबूत खरीदारी जारी रखी है, जिससे बाजार को महत्वपूर्ण समर्थन मिला है।