हमारा दिमाग इतनी बुरी ख़बरों के लिए नहीं बना है!
📖 लेख स्रोत — 🇮🇷 फारसीमनुष्य खतरे पर बारीकी से ध्यान देने के लिए विकसित हुआ है, लेकिन आज यह प्रवृत्ति दुनिया भर से आने वाली अंतहीन बुरी खबरों से प्रभावित हो गई है। विल्फ्रेड लॉरियर विश्वविद्यालय के एक ईरानी वैज्ञानिक डॉ. अली जास्मी का कहना है कि इसका समाधान वर्तमान घटनाओं पर नज़र रखना बंद करना नहीं है, बल्कि समाचार कैसे, कब और कहाँ प्राप्त करना है, इसके बारे में स्वस्थ आदतें बनाना है।
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