श्वेत पत्र में कहा गया है कि "सरकारी सेवाओं के आज के लाभार्थियों से लेकर कल के करदाताओं तक अंतर-पीढ़ीगत स्थानांतरण जो परिणामी ऋण का भुगतान करेंगे - समीक्षाधीन अवधि की परिभाषित राजकोषीय असमानता है।"