क़ोम प्रांत के बंदोबस्ती और धर्मार्थ मामलों के जनरल डायरेक्टर ने 1448 हिजरी के मुहर्रम और सफ़र के महीनों के साथ ही क़ोम शहर के 40 से अधिक धन्य कब्रों में "बसीरेत अशुराई" शोक आयोजित करने की घोषणा की।