15 और 22 मार्च को चुने गए मुट्ठी भर युवा मेयर, जिनकी उम्र बमुश्किल 20 साल से अधिक होगी, स्थानीय जनादेश की वास्तविकताओं की खोज कर रहे हैं। उनका चुनाव उस पद की आदतों को बदल देता है जिस पर अभी भी बड़े पैमाने पर पुराने निर्वाचित अधिकारियों का कब्जा है।