अनिश्चित नेतृत्व, संचार त्रुटियाँ, वैचारिक शून्यता... अगर हमें यह नहीं बताया गया होता कि राष्ट्रीय रैली चुनाव में पसंदीदा थी, तो हमने इसका अनुमान नहीं लगाया होता।