भविष्य के लड़ाकू विमान को लेकर फ्रांस और जर्मनी के बीच असहमति के बाद, 2040 तक लेक्लर्क की जगह लेने वाले नए टैंक पर दोनों देशों के बीच सहयोग परियोजना अभी भी लड़खड़ा रही है।