यह प्रस्ताव ग्रासेट पब्लिशिंग हाउस के बॉस ओलिवियर नोरा की विवादास्पद बर्खास्तगी के बाद से लेखकों द्वारा उठाया गया है। लेकिन सरकार इस मुद्दे पर खुलकर बात कर रही है और इस विषय पर "आम सहमति" बनाने का आह्वान कर रही है।