अमेरिकी खुफिया एजेंसियां ​​कथित तौर पर इजरायली जासूसी द्वारा ईरान शांति वार्ता में शामिल अमेरिकी वार्ताकारों को निशाना बनाने को लेकर चिंतित हैं। हाल के आकलन से पता चलता है कि वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों पर इजरायली निगरानी तेज हो गई है, जिससे प्रति-खुफिया खतरे गंभीर स्तर तक बढ़ गए हैं। यह ईरान के संबंध में अमेरिका-इजरायल के अलग-अलग उद्देश्यों के बीच आया है, जो संभावित रूप से भविष्य के सैन्य सहयोग को प्रभावित कर रहा है।