Les immigrés illégaux eux-mêmes se présentent pour retourner au Bangladesh : vérification de 200 à 300 personnes chaque jour au Bengale ; Tension similaire dans les deux pays frontaliers
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की हाकिमपुर चेकपोस्ट पर इन दिनों अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की भीड़ जुट रही है। ये लोग खुद अपनी पहचान बताकर बांग्लादेश लौटने की इच्छा जता रहे हैं। हालांकि, सीमा सुरक्षा बल (BSF) उन्हें सीधे सीमा पार भेजने के बजाय बायोमीट्रिक और अन्य पहचान पत्र लेकर इन्हें बंगाल में बनाए गए होल्डिंग सेंटरों में भेज रही है। हाकिमपुर चेकपोस्ट पर वेरिफिकेशन डेस्क बनाया गया है, जहां रोजाना करीब 200 से 300 लोग वेरिफिकेशन के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से कई लोग सालों पहले अवैध रूप से भारत आए थे और अब बदलते हालात के बीच अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। कई लोगों के पास भारतीय दस्तावेज हैं, लेकिन बांग्लादेशी पहचान संबंधी कागजात नहीं हैं। स्थानीय संगठन ‘भूखा मानुसेर अधिकार अभियान’ के अध्यक्ष मोहर मंडल के अनुसार, वेरिफिकेशन कराने पहुंच रहे अधिकांश लोग बांग्लादेश के छह जिलों से संबंध रखते हैं और कभी अवैध रूप से भारत आए थे। मुंबई में रह रहे मोहम्मद अख्तर शेख ने बताया कि वह 22 साल पहले बांग्लादेश से भारत आए थे। उनके पास भारतीय आधार कार्ड है, लेकिन बांग्लादेश का कोई दस्तावेज नहीं है। उन्हें डर है कि अब वे न बच्चों के साथ रह पाएंगे और न ही बांग्लादेश जा सकेंगे।’ वहीं, दिल्ली में रहने वाले इस्लाम सरदार ने कहा कि उन्हें सबसे बड़ा डर इस बात का है कि अगर भारत और बांग्लादेश दोनों ही उन्हें स्वीकार नहीं करते तो उनका भविष्य क्या होगा। गृह मंत्रालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल में 11 होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं। उत्तर 24 परगना जिले के तेतुलिया स्थित एक होटल को भी होल्डिंग सेंटर में बदला गया है। यहां अवैध प्रवासियों के लिए भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस बीच, बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (BGB) ने BSF पर अवैध बांग्लादेशियों को सीमा में धकेलने (पुश-इन) की कोशिश का आरोप लगाया है। BGB का दावा है कि उसने पिछले 24 घंटों में ऐसी 10 कोशिशों को विफल किया है। बांग्लादेश ने सीमा पर गश्त और जवानों की संख्या भी बढ़ा दी है। 29 मई को पश्चिम बंगाल की एजेंसियों द्वारा 386 संदिग्ध अवैध प्रवासियों को हिरासत में लिए जाने की खबर के बाद बांग्लादेश ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है। बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबायद इस्लाम ने भी चेतावनी दी थी कि किसी भी व्यक्ति को एकतरफा तरीके से सीमा में धकेलने की कोशिश तनाव बढ़ा सकती है। BSF के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पहली बार ऐसी स्थिति बनी है जब अवैध प्रवासियों को तलाशने की जरूरत नहीं पड़ रही। लोग स्वयं वेरिफिकेशन कराने और अपनी पहचान दर्ज कराने के लिए सीमा चौकियों पर पहुंच रहे हैं। अधिकारी के अनुसार, सुबह से शाम तक लोगों की लंबी कतारें लगी रहती हैं और सत्यापन प्रक्रिया में काफी समय लग रहा है।