El cadáver del marido encontrado en la tumba de la esposa y el hijo: Una mano estaba sobre la tumba del hijo y la otra sobre la esposa, los tres murieron en 11 días en Mahoba.
महोबा में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक युवक की लाश पत्नी और बेटे की कब्रों के बीच मिली। एक हाथ बेटे की और दूसरा पत्नी की कब्र पर था। परिवार के मुताबिक, बेटे -पत्नी की मौत के बाद से 40 साल के सुब्हान अहमद गहरे सदमे में थे। अक्सर कब्रों के पास घंटों बैठे रहते थे। शुक्रवार सुबह सुब्हान अहमद कब्रों पर फातिहा पढ़ने गए थे। काफी देर तक घर नहीं लौटे तो परिजन खोजते हुए कब्रिस्तान पहुंचे। वहां सुब्हान का शव पड़ा मिला। 11 दिनों में तीनों की मौत हुई है। 25 मई को 6 साल के बेटे हसनैन की हीटवेव से जान गई। बेटे की मौत का सदमा मां रजिया खातून बर्दाश्त नहीं कर सकीं। उसी दिन उन्होंने भी दम तोड़ दिया। पत्नी-बेटे की कब्र के बगल में सुब्हान को भी दफना दिया गया। अब घर में दो बेटियां और एक बेटा हैं। घटना शहर के चरखारी इलाके की है। बेटे ने मां की गोद में तोड़ा था दम मध्य प्रदेश के हरपालपुर के रहने वाले सुब्हान अहमद की शादी 18 साल पहले चरखारी की रजिया खातून (36) से हुई थी। दोनों के दो बेटे और दो बेटियां थीं। सुब्हान के साले मोहम्मद सलीम ने बताया कि बहन रजिया बच्चों के साथ मायके आई थी। 25 मई को भांजे हसनैन (6) की हीटवेव के कारण तबीयत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए छतरपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। हसनैन की मौत उसकी मां रजिया खातून की गोद में हुई, जिसके सदमे को वह सहन नहीं कर सकीं। घर पहुंचते-पहुंचते उन्होंने भी दम तोड़ दिया। दोनों को चरखारी में सुपुर्द-ए-खाक किया गया था। मां-बेटे को एक ही जगह दफनाया सुब्हान के दूसरे साले हलीम मुहम्मद ने बताया, 'चरखारी के कब्रिस्तान में मां-बेटे को एक ही जगह दफनाया गया था। तब से जीजा सुब्हान मेरे ही घर पर रह रहे थे। शुक्रवार सुबह 4 बजे वह अपनी पत्नी और बेटे की कब्र पर फातिहा पढ़ने के लिए कब्रिस्तान गए थे। जब वह दो घंटे तक नहीं लौटे तो परिजन उन्हें देखने पहुंचे। वहां सुब्हान मृत अवस्था में पड़े मिले। उनका एक हाथ बेटे की कब्र पर और दूसरा हाथ पत्नी की कब्र पर था। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।' पत्नी-बेटे की कब्र पर जाकर बैठ जाता था युवक हलीम मुहम्मद ने बताया, 'सुब्हान अपने बच्चों से बहुत प्यार करते थे, खासकर छोटे बेटे से उनका विशेष लगाव था। पत्नी और बेटे की मौत से वह पूरी तरह टूट गए थे। वह अक्सर दोनों की कब्र पर जाकर बैठ जाते थे। 11 दिनों के भीतर परिवार में तीन मौतों ने सभी को सदमे में डाल दिया है। अब उनके एक बेटे सैफ (17) और बेटियां रोशनी (14) व आलिया (11) के पालन-पोषण की चिंता है। सरकार अनाथ हुए बच्चों की मदद करे।' कैंसर था, सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए मोहम्मद सलीम के मुताबिक, सुब्हान के पैर पर एक निशान मिला है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि कब्र पर लेटे हुए उन्हें किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया होगा। हालांकि, जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें कैंसर था। इसके चलते उनका शरीर कमजोर हो गया था। ऐसे में सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए। आगे की जांच के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। --------------- ये खबर भी पढ़ें… पूर्व विधायक को करोड़ों का फायदा पहुंचाकर मेरठ CMO फंसे:श्रावस्ती में भी NHM घोटाले का आरोप; जांच शुरू मेरठ के CMO रहे डॉ.