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تم منع CJI من طرح الأسئلة في برنامج سوريا كانط: قال الطالب- أعطونا الاحترام؛ قال المشرف: هذا لا علاقة له بموضوع البرنامج

تم منع CJI من طرح الأسئلة في برنامج سوريا كانط: قال الطالب- أعطونا الاحترام؛ قال المشرف: هذا لا علاقة له بموضوع البرنامج

تكنولوجيا 05/06/2026 Dainik Bhaskar 👁 32
⚡ الخلاصة في سطرين

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के लंदन दौरे के दौरान एक कार्यक्रम में सवाल पूछने को लेकर बहस हो गई। यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के बिर्कबेक कॉलेज के कार्यक्रम में CJI ने 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरराष्ट्रीय कानून' विषय पर लेक्चर दिया। लेक्चर के बाद हुए QA सेशन में एक महिला ने भारत में असहमति को लेकर बढ़ती चिंताओं का मुद्दा उठाने की कोशिश की। उसने कहा कि देश और विदेश के कई कानूनी विशेषज्ञ भारत में असहमति के प्रति बढ़ती नाराजगी को लेकर चिंता जता रहे हैं। हालांकि सवाल पूरा होने से पहले ही मोडरेटर ने हस्तक्षेप किया। उसने कहा कि कार्यक्रम का विषय AI और अंतरराष्ट्रीय कानून है, इसलिए यह सवाल नहीं लिया जाएगा। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता ने इसा वीडियो शेयर किया है। वीडियो में एक अन्य युवक कहते हुए सुनाई देता है- "हमें सम्मान दीजिए।" CJI ने बेरोजगारों को कॉकरोज जैसा कहा था, फिर सफाई दी दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीफ जस्टिस ने 15 मई को एक मामले की सुनवाई करते हुए देश के बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से की थी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान देश के बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच जैसा कहा था। उन्होंने कहा- कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं। हालांकि, अगले दिन उन्होंने अपनी टिप्पणी पर सफाई दी। उन्होनें कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया। CJI ने कहा, "मेरी टिप्पणी खास तौर पर उन लोगों के लिए थी, जो फर्जी और नकली डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे पेशों में आ गए हैं। मीडिया, सोशल मीडिया और दूसरे सम्मानित पेशों में भी ऐसे लोग घुस आए हैं। वे परजीवियों जैसे हैं।" CJI ने AI को बताया बड़ी कानूनी चुनौती सूर्यकांत छह दिन के ब्रिटेन दौरे पर हैं। लेक्चर में CJI सूर्यकांत ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधुनिक दौर में अंतरराष्ट्रीय कानून के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने कहा कि तकनीक अपने आप में न अच्छी होती है और न बुरी। उसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि उसे किस कानूनी, राजनीतिक और नैतिक ढांचे में इस्तेमाल किया जाता है। CJI ने कहा कि कानून की जिम्मेदारी तकनीकी प्रगति का विरोध करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि तकनीकी शक्ति संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक व्यवस्था और मानवीय गरिमा के प्रति जवाबदेह रहे। CJI के विरोध में बनी पार्टी, कल प्रदर्शन जस्टिस सूर्यकांत की हालिया कॉकरोच टिप्पणी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी सामने आई। ये एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, CJP के इंस्टाग्राम पर 2 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। इसे अभिजीत दिपके ने बनाया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने 6 जून को भारत लौटने से पहले अपने पुरानी अपील से यू-टर्न ले लिया है। उन्होंने 4 जून को रात 10 बजे सोशल मीडिया पर एक वीडियो मैसेज जारी कर समर्थकों से दिल्ली एयरपोर्ट पर न आने की अपील की है। कुछ दिन पहले उन्होंने खुद समर्थकों से एयरपोर्ट पहुंचने का आह्वान किया था। अब उन्होंने कहा है कि उम्मीद से ज्यादा समर्थन मिलने के कारण बड़ी भीड़ जुट सकती है, जिससे आम लोगों और सुरक्षा व्यवस्था को परेशानी हो सकती है। ----------- ये खबर भी पढ़ें… CJI बोले- बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे:ये मीडिया, सोशल मीडिया और RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान देश के बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच कहा। उन्होंने कहा- कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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