इस गांव के लोग आज भी पुराने दौर की ज़िंदगी जीने को मजबूर हैं. गांव के एक निवासी कहते हैं, 'हम रात में टॉर्च की रोशनी में ही एक-दूसरे का चेहरा देख पाते हैं.'