महाराष्ट्र के नासिक में TCS ऑफिस में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण मामले की चार्जशीट में नए खुलासे हुए हैं। चार्जशीट के मुताबिक आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत पीड़ितों को निशाना बनाया। एक पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसे पाकिस्तानी इस्लामिक मौलवी तारिक जमील और जाकिर नाइक के वीडियो दिखाए जाते थे। पिछले हफ्ते नासिक की एक अदालत में जमा की गई चार्जशीट के मुताबिक, ये वीडियो पीड़ितों को इसलिए दिखाए गए ताकि वे इस्लाम के बारे में जान सकें। आरोपियों ने पीड़ित से कहा कि वह भजन सुनना और मंदिर जाना बंद कर दे। अल्लाह सारे गुनाह माफ कर देंगे। नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में काम करने वाली 9 पीड़ित महिलाओं ने अप्रैल में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। अब तक 8 आरोपी पकड़े गए हैं। आरोपी बोला- डरो मत, भरोसा रखो, अल्लाह हमारे साथ है पीड़ित ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि आरोपियों ने 'मानसिक तनाव' कम करने के बहाने उसकी कमजोरी का फायदा उठाया। बयान में कहा गया है कि एक आरोपी दानिश शेख जो पहले से शादीशुदा है। उसने शादी करने का झांसा देकर यौन शोषण किया। जब पीड़ित को अपने भविष्य को लेकर डर सताने लगा, तो आरोपी ने कहा- डरो मत, भरोसा रखो, अल्लाह हमारे साथ है। भगवान के भजन सुनना और मंदिर जाना बंद कर दो। तनाव कम हो जाएगा। फिर उसने तस्बीह पढ़ने को कहा। पीड़ित के अनुसार, उसने (शेख ने) कहा, तुम जितना ज्यादा अल्लाह का नाम लोगी। तुम्हारे गुनाह माफ होते जाएंगे और तुम्हारे नेक काम बढ़ेंगे। यू-ट्यूब पर जाकर पाकिस्तानी मौलवी के वीडियो देखे पीड़ित के मुताबिक दानिश ने उससे पाकिस्तानी इस्लामी धर्मगुरु, उपदेशक और तबलीगी जमात के सदस्य तारिक जमील का वीडियो देखने और उनके भाषण सुनने को कहा। पीड़िता ने बताया कि दानिश ने उसके बैंक खातों और UPI PIN के बारे में पूरी जानकारी ले ली थी। उसे बैंक खाते में जमा पैसों के बारे में भी पता था। दानिश ने अन्य आरोपी तौसीफ और निदा से कहा था कि वे मुझे इस्लामी धर्म के बारे में जानकारी दें। इसलिए, तौसीफ और निदा समय-समय पर मुझे इस्लामी धर्म के बारे में बताती रहती थीं। तौसीफ ने मुझसे कहा कि मैं अपने मोबाइल पर यू-ट्यूब पर जाकिर नाइक और डॉ. इसरार अहमद (पाकिस्तानी मौलवी) के वीडियो खोजकर सुनूं और मैंने उसके निर्देशानुसार वे वीडियो देखे। चार्जशीट में 106 गवाहों के बयान शामिल हैं, जिनमें शिकायतकर्ता, उसकी मां, TCS के कर्मचारी/मैनेजमेंट, यौन उत्पीड़न रोकथाम (POSH) समिति के सदस्य और मामले की जांच कर रहे अधिकारी शामिल हैं। अब जानिए क्या है पूरा मामला… TCS के नासिक ऑफिस में काम करने वाली महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए। SIT से जुड़े सोर्स कहते हैं, ‘पहली FIR 26 मार्च को देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। इसके बाद 8 और महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। इनके बयानों से यौन शोषण, जोर-जबरदस्ती और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का पैटर्न सामने आया है। नासिक पुलिस की SIT इस मामले में 9 छेड़छाड़ और उत्पीड़न के मामलों की जांच कर रही है। FIR के मुताबिक, निदा खान पर आरोप है कि उसने व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए कर्मचारियों को नमाज पढ़ने और नॉन-वेज खाने के लिए दबाव डाला। महिलाओं को इस्लामिक परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने की सलाह भी दी गई। निदा ने कोर्ट में प्रेग्नेंसी का हवाला दिया था, लेकिन राहत नहीं निदा ने एंटीसिपेटरी बेल के लिए अपनी प्रेग्नेंसी का हवाला दिया, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया था। मामले पर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (TCS) ने पिछले महीने बयान में कहा था कि कंपनी किसी भी तरह के हैरेसमेंट और जबरदस्ती के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी पर काम करती है। 9 में से 3 पीड़ित महिलाओं की FIR मिली… पहली पीड़ित सीनियर पूछते- हनीमून पर कहां गई, क्या-क्या किया पीड़ित महिला ने 2 अप्रैल को नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में FIR कराई है। उसके मुताबिक, जून 2025 से 31 मार्च 2026 तक वो TCS ऑफिस में एसोसिएट थी। पति काम के सिलसिले में पुणे में रहते हैं। FIR में उसने बताया, ‘24 जून 2025 को मुझे 3 महीने के ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल किया गया। रजा मेमन का मेरी ट्रेनिंग से कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी वो मेरे पास आकर पर्सनल लाइफ के बारे में पूछते। कहते थे कि पति के साथ क्यों नहीं रहती, हनीमून पर कहां गई थी। वहां क्या किया, कैसे किया। रजा मेमन के साथ शाहरुख कुरैशी भी था।‘ ट्रेनिंग में आसिफ अंसारी भी अक्सर मेरे पास आ जाता। सटकर बैठता और गलत तरह से छूता। कभी जांघ या कंधे पर हाथ रख देता। एक दिन लंच के वक्त हाथ गोद में रख दिया। फिर बोला- अगर कोई फिजिकल नीड हो, तो बताओ, पूरा कर दूंगा। महिला ने बताया, ‘सीनियर तौसीफ अत्तार ने भी गलत बर्ताव किया। वो भी टीम में नहीं था, फिर भी पास आकर खाने के लिए पूछता। अश्लील तरीके में पूछता, 'क्या संतरे लाई हो। छोटे वाले लाई हो या बड़े वाले।' वो चेहरा सटाता और छूता था। जब सवाल किया, तो कहा, 'क्या तुम्हें आगे नहीं बढ़ना।‘ पीड़ित के मुताबिक, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तार और शफी शेख ने उसे फिजिकली और मेंटली टॉर्चर किया। हिंदू देवी-देवताओं को अपशब्द कहे, जिससे उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। उसने HR सेल में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। तब उसने मुंबई नाका थाने में शिकायत की। दूसरी पीड़ित ‘ईश्वर वही जो अदृश्य है, हिंदू देवी-देवता झूठे’ मुंबई नाका पुलिस स्टेशन पर दर्ज शिकायत के मुताबिक, जनवरी से दिसंबर 2025 तक उसका ऑफिस में यौन उत्पीड़न हुआ। महिला कंपनी में क्रेडिट कार्ड कस्टमर्स की शिकायतें सुनती थी। उसने बताया, ‘तौसीफ अत्तार अपने धर्म को ऊंचा दिखाता और हिंदू धर्म को नीचा। वो कहता कि सच्चा ईश्वर वही है, जो अदृश्य है। हिंदू धर्म में देवता दिखते हैं, इसलिए झूठे हैं।‘ ‘दिसंबर 2025 की बात है। मैं लंच के बाद छाछ पी रही थी, तभी तौसीफ आया और पूछा- ‘क्या पी रही हो?' मैंने कहा- 'छाछ पी रही हूं।' उसने अजीब नजरों से देखा और कहा- मेरे पास भी छाछ है, क्या पीना चाहोगी। ये कहते हुए उसने प्राइवेट पार्ट की ओर इशारा किया।’ तीसरी पीड़ित भगवान कृष्ण और शिव को लेकर गलत बातें कीं तीसरी FIR में पीड़ित ने बताया, ‘मैं दिसंबर 2024 में ऑफिस में थी। तब शफी शेख काम के बहाने पास आकर बैठ गया और जानबूझकर मेरे पैर से अपना पैर रगड़ने की कोशिश की। फिर मेरा कीपैड इस्तेमाल करने के बहाने गलत तरह से छुआ। मैंने कुर्सी दूर कर ली, तो हंसते हुए चला गया।‘ ‘फरवरी 2026 में तौसीफ ने मेरे धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश की। उसने कहा कि कृष्ण ने 16 हजार महिलाओं से शादी की, इससे पता चलता है कि कृष्ण कैसे थे। क्या भगवान शंकर को ये नहीं पता था कि गणेश पार्वती के बेटे हैं। अगर नहीं पता था तो देवी पार्वती को बेटा कैसे हुआ। उन्होंने गणेश का सिर क्यों काट दिया।‘ निजी जानकारी के आधार पर ‘टारगेट’ चुनते आरोपी नई जॉइन करने वाली कर्मचारियों की निजी जानकारी के आधार पर ‘टारगेट’ चुनते थे। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर और पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे कर्मचारियों को निशाना बनाया जाता था। गिरफ्तार HR मैनेजर अश्विनी चेनानी ने तौसीफ अत्तार से 38 बार, दानिश शेख से 1 बार, रजा मेमन से 22 बार और आपत्तिजनक चैट की थी। पीड़ित लड़कियों ने जब आरोपियों के खिलाफ शिकायत की तो अश्विनी ने शिकायत को जानबूझकर नजरअंदाज किया। उलटा उसने पीड़ित को ही फटकार लगाई। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रशिक्षण के दौरान हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की जाती थी। जब पीड़ित परेशान होते थे, तब HR मैनेजर उनसे संपर्क कर भरोसा जीतती थी और धीरे-धीरे उनके रहन-सहन में बदलाव के लिए दबाव बनाया जाता था। 2022 से 2026 के बीच महिला कर्मचारियों को टारगेट बनाया FIR के अनुसार, 18 से 25 साल की महिला कर्मचारियों को टारगेट किया गया। आरोप है कि- नमाज पढ़ने के लिए दबाव बनाया गया नॉन-वेज खाने के लिए मजबूर किया गया धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक दबाव डाला गया कुछ मामलों में शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और बाद में ब्लैकमेल करने के आरोप भी लगे हैं। ऑफिस में ही छेड़छाड़ और उत्पीड़न के आरोप शिकायतों में यह भी कहा गया है कि ऑफिस के अंदर और बाहर छेड़छाड़ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियां और इशारे किए गए एक मामले में ऑफिस में ही महिला को जबरन पकड़ने की कोशिश की गई कुछ पीड़ितों ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। वॉट्सएप ग्रुप भी बनाया जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक वॉट्सएप ग्रुप भी बनाया हुआ था, जहां वे ‘टारगेट’ पर चर्चा करते थे और धार्मिक व कंपनी से जुड़े मुद्दों पर बात करते थे। पुलिस इस डिजिटल सबूत की भी जांच कर रही है। अब तक गिरफ्तार आरोपियों में आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तर और अन्य शामिल हैं। ऑपरेशन मैनेजर अश्विन चेनानी को भी गिरफ्तार किया गया है। SIT इस पूरे मामले की जांच कर रही है और 12 से ज्यादा संभावित पीड़ितों की पहचान की गई है। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क के अन्य कनेक्शन और बाहरी लिंक की भी जांच कर रही है। मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। …………………….. اقرأ أيضًا هذه الأخبار المتعلقة بقضية TCS... "قال توسيف - وليس اللورد شيفا، لقد أساء إلى براهماجي" "توسيف هو قائد العمليات التجارية في المكتب." لم نكن في فريق، ومع ذلك كان يأتي إلي ويتحدث عن حياته الشخصية. يسأل إذا كان لديك صديق. كان يحدق في الفتيات في المكتب من الرأس إلى أخمص القدمين ويغمز. تتعلق هذه الحادثة بفتاة تبلغ من العمر 25 عامًا، بناءً على شكواها، ألقت شرطة ناشيك القبض على 7 من مسؤولي TCS. إقرأ الخبر كاملا…