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İddia- TMC lideri kalabalık korkusuyla yatağın altına saklandı: 'Kesilen paranın iadesi' için gelenler evin etrafını sardı, polis dışarı çıkardı

İddia- TMC lideri kalabalık korkusuyla yatağın altına saklandı: 'Kesilen paranın iadesi' için gelenler evin etrafını sardı, polis dışarı çıkardı

Uluslararası 04/06/2026 Dainik Bhaskar 👁 22
⚡ Hızlı Özet

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के माथाभांगा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता शाहिदुल मियां का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में वे बिस्तर के नीचे छिपते नजर आ रहे है। आरोप है कि शाहिदुल ने सरकारी आवास योजना में घर दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे लिए थे। लोगों को योजना का लाभ नहीं मिलने पर बुधवार को बंड़ी संख्या में लोग उनके घर पर पहुंच गए। भीड़ बढ़ने पर शाहिदुल घर के एक कमरे में जाकर बिस्तर के नीचे छिप गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें वहां से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले गई। हालांकि दैनिक भास्कर इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। बेड के नीचे छिपने की तीन तस्वीरें… आरोप- 5 हजार से 20 हजार तक 'कट मनी' लिए माथाभांगा-1 ब्लॉक के जोरपारकी ग्राम पंचायत क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि शाहिदुल ने 5 हजार से 20 हजार रुपए तक लिए थे। दावा है कि इस तरह करीब 8 लाख रुपए जुटाए गए, लेकिन किसी को योजना का लाभ नहीं मिला। 25 मई को भी ग्रामीणों ने शाहिदुल के घर के बाहर प्रदर्शन किया था। BJP बोली- जांच के बाद लोग छिपने की कोशिश कर रहे BJP आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने वीडियो शेयर करते हुए कहा कि सरकारी आवास योजनाओं के लाभार्थियों से पैसे वसूले गए थे। जांच और गिरफ्तारियां बढ़ने के बाद ऐसे लोग अब छिपने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि काकद्वीप, नामखाना और माथाभांगा में एक जैसी शिकायतें सामने आई हैं। कई जगह पैसे लौटाने के मामले सामने आए मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के दिनों में माथाभांगा और अन्य इलाकों में लोगों ने सरकारी योजनाओं के नाम पर लिए गए पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए हैं। दक्षिण 24 परगना के नामखाना इलाके में एक TMC पंचायत सदस्य ने 45 लोगों को 5-5 हजार रुपए लौटाए थे। वहीं, TMC की जिला इकाई का कहना है कि पार्टी का ऐसे अवैध वसूली मामलों से कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी ने कहा कि यदि किसी ने व्यक्तिगत स्तर पर पैसे लिए हैं तो उसकी जिम्मेदारी उसी की होगी। कोलकाता में भी TMC नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन इसी बीच BJP नेता प्रियंका टिबरेवाल ने कोलकाता के एंटली इलाके में TMC से निष्कासित विधायक संदीपन साहा और उनके पिता पूर्व विधायक स्वर्ण कमल साहा के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने दोनों पर जमीन कब्जाने, वसूली और 'कट मनी' लेने के आरोप लगाए। जांच के लिए आयोग गठित, सीधे कर सकेंगे शिकायत राज्य सरकार ने 18 मई को कथित कट-मनी, सरकारी फंड के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए 'इंस्टिट्यूशनल कमीशन' गठित किया है। रिटायर्ड जज विश्वजीत बसु इसकी अध्यक्षता करेंगे। सरकार को उम्मीद है कि आयोग शुरू होने के बाद लोग सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे। 2019 में ममता ने मानी थी 'कट मनी' की बात 'कट मनी' पश्चिम बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा रहा है। इसका मतलब सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने या आवास, सड़क, मनरेगा जैसी योजनाओं में लाभार्थियों से कथित कमीशन वसूलना है। भाजपा ने इसे तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चुनावी मुद्दा बनाया। 18 जून 2019: नदिया जिले में पार्टी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं से कहा, 'यदि किसी ने लोगों से "कट मनी" ली है तो उसे वापस कर दें।' जून- जुलाई 2019: कई जिलों में लोग तृणमूल नेताओं के घरों के बाहर जमा होने लगे और कथित तौर पर ली गई रकम लौटाने की मांग करने लगे। भाजपा ने कट मनी वापस करो अभियान शुरू किया। 2019, 2021 और 2026: भाजपा ने 2019, 2024 के लोकसभा चुनाव और 2021 के विधानसभा चुनाव में इसे मुद्दा बनाया। --------------- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में TMC नेता घूस के पैसे लौटा रहे:सरकारी लाभ के बदले लिए थे; नादिया में महिलाओं की योजना में 173 पुरुषों के नाम पश्चिम बंगाल से तृणमूल नेताओं के लोगों को पैसे बांटने के वीडियो वायरल हैं। दावा है कि यह वो कट मनी यानी कमीशन है जो उन लोकल नेताओं ने स्थानीय लोगों से सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बदले में लिया था। पूरी खबर पढ़ें…

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