भारत के बारे में वरिष्ठ आरसीएमपी अधिकारी की 'कोई सबूत नहीं' वाली टिप्पणी पिछले बयानों का खंडन करती प्रतीत होती है
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
आरसीएमपी की डिप्टी कमिश्नर लिसा मोरलैंड का कहना है कि भारतीय सरकारी अधिकारियों को भारतीय गिरोहों द्वारा किए गए अपराधों से जोड़ने के लिए "कोई सबूत नहीं" है, जिनकी जांच अमेरिकी और कनाडाई कानून प्रवर्तन द्वारा की गई थी, जिसमें सिख कार्यकर्ता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या भी शामिल थी। यह दावा पूर्व प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो और आरसीएमपी के आयुक्त सहित अन्य कनाडाई अधिकारियों के कई पिछले बयानों का खंडन करता है।