अग्नि, आकाश, पृथ्वी और अधिक: कैसे 1983 में कलाम के नेतृत्व वाली परियोजना ने भारत को मिसाइल महारत हासिल करने में मदद की
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
भारत का एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम 1983 में शुरू हुआ। इस पहल का उद्देश्य घरेलू मिसाइल प्रौद्योगिकी और रणनीतिक स्वायत्तता है। परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पांच अलग-अलग मिसाइल परियोजनाओं की कल्पना की गई थी। इन परियोजनाओं ने भारत को एक विश्वसनीय मिसाइल निर्माता में बदल दिया। कार्यक्रम ने मिसाइल विकास में महत्वपूर्ण तकनीकी स्वतंत्रता हासिल की।