जो पुरुष ``छोटे, मोटे या गंजे'' हैं, उनके साथ खिलवाड़ करना ``ठीक'' क्यों है? इस धारणा के तहत कि ``इससे दुख नहीं होगा,'' दूसरा व्यक्ति इसे चुपचाप सहन कर लेता है | जीवन | टोयो कीज़ई ऑनलाइन
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
इसे साकार किए बिना, हम पुरुषों पर भी सख्त दिखावे की नीति थोप रहे हैं। उदाहरण के लिए, वह मौन दबाव जो कहता है, ``यदि आप पुरुष हैं, तो आपको बड़ा और मजबूत बनना होगा।'' इस पूर्वाग्रह के बीच कि पुरुष सोचते हैं कि उन्हें चोट नहीं पहुंचेगी, मुस्कुराहट के पीछे कई चीजें छिपी हैं...