"रूसी और जर्मन दोयम दर्जे के, हास्यास्पद और बर्बर थे"
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
जो कोई भी विटोल्ड गोम्ब्रोविज़ को पढ़ता है वह साहसपूर्वक और स्वतंत्र रूप से सोचना सीखता है। लेखक न केवल अपनी मातृभूमि पोलैंड, बल्कि अपनी गोद ली हुई मातृभूमि अर्जेंटीना के भी आलोचक थे। वह केवल जेवियर माइली का सपना देख सकता था।