"गरीबी मिट जायेगी" का भ्रम क्यों टूट गया? विश्व अर्थव्यवस्था में एक बड़ा परिवर्तन जिसे न तो संयुक्त राष्ट्र और न ही प्रसिद्ध अर्थशास्त्री पूरी तरह से समझ सके | राजनीति, अर्थव्यवस्था और निवेश | टोयो कीज़ई ऑनलाइन
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
2000 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाई गई सहस्राब्दी घोषणा का उद्देश्य वैश्वीकरण की पृष्ठभूमि और 21वीं सदी की शुरुआत में विकासशील देशों की तीव्र वृद्धि के खिलाफ दुनिया भर से गरीबी उन्मूलन करना था। लेकिन अब, एक चौथाई सदी के बाद, गरीबी की समस्या एक नए चरण का सामना कर रही है...