धार की सरस्वती है गायत्री: विज्ञान ने खत्म किया 900 साल का घालमेल
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
12वीं शताब्दी की एक मूर्ति जिसे पहले सरस्वती के रूप में पहचाना जाता था, उसे गायत्री के रूप में सही ढंग से पहचाना गया है। डिजिटल दस्तावेज़ीकरण और 3डी मैपिंग से सदियों से छूटे प्रतीकात्मक सुरागों का पता चला। वीणा की अनुपस्थिति, जो कि सरस्वती का एक सामान्य गुण है, इस पुनः पहचान में महत्वपूर्ण साबित हुई। वैदिक ज्ञान को मूर्त रूप देने वाली गायत्री की यह दुर्लभ छवि धार में खोजी गई थी। पुनः खोजा गया आइकन अब मध्य प्रदेश के डिजिटल विरासत मिशन का प्रतिनिधित्व करता है।