'क्या हमारा घर कल भी खड़ा रहेगा?' पूर्वोत्तर अपनी वार्षिक बाढ़ की विभीषिका को फिर से याद कर रहा है
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
पूर्वोत्तर भारत भीषण मानसूनी बाढ़ और भूस्खलन का सामना करता है, जिससे असम में लगभग 50,000 लोग प्रभावित होते हैं। बढ़ते पानी ने गाँवों को जलमग्न कर दिया है और कृषि भूमि को नुकसान पहुँचाया है, जिससे आजीविका प्रभावित हुई है। पूरे क्षेत्र में, घरों और बुनियादी ढांचे को भारी बारिश से व्यापक नुकसान हुआ है। हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं और राहत शिविरों में शरण मांग रहे हैं।