कैसे दो 'आपत्तिजनक' किताबें जम्मू-कश्मीर के विश्वविद्यालयों और कॉलेज पुस्तकालयों पर कार्रवाई का कारण बनती हैं | व्याख्या की
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
इन पुस्तकों की लगभग 251 प्रतियां पहले ही जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में वितरित की जा चुकी थीं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कहा कि इन पुस्तकों की शुरूआत "गंभीर लापरवाही, कर्तव्य की उपेक्षा और उचित परिश्रम की कमी" का परिणाम थी, और उप समिति के सदस्यों को दोषी ठहराया, जिसने इसे मंजूरी दी थी।