Дело Твиши. Самарт нервничает в центральной тюрьме Бхопала: судья в отставке Гирибала мирно спал; На ужин съел роти с карри и пакодой.
📖 Источник статьи — 🇮🇳 Хиндиएक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में जेल भेजे जाने के बाद आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और समर्थ के शुरुआती 18 घंटे सामान्य दिनचर्या में बीते। जेल प्रशासन के मुताबिक दोनों का मेडिकल चेकअप किया गया। गिरिबाला ने रात में आराम से नींद ली, जबकि समर्थ घबराया हुआ नजर आया। वह बैरक की टिप्टी पर करवटें बदलता रहा। दोनों ने सामान्य खाना खाया, हालांकि गिरिबाला ने चने की दाल खाने से इनकार कर दिया। शाम 6 बजे सामान्य कैदियों की तरह भोजन दिया गया मंगलवार शाम पांच बजे जेल पहुंचने के बाद गिरिबाला सिंह और समर्थ को शाम 6 बजे सामान्य कैदियों की तरह भोजन दिया गया। अलग-अलग बैरक में दोनों ने कड़ी-पकौड़े की सब्जी और रोटी खाई। जेल प्रशासन के अनुसार दोनों ने किसी विशेष डाइट की मांग नहीं की और सामान्य खाना लिया। नाश्ते में नमकीन दलिया और चाय ली बुधवार सुबह दोनों को नमकीन दलिया और चाय दी गई। दोनों ने नाश्ता किया। गिरिबाला और समर्थ ने एक जैसी डाइट ली और किसी अतिरिक्त सुविधा की मांग नहीं की। गिरिबाला ने जेल अधिकारियों से बातचीत में स्वयं को किसी बीमारी से ग्रस्त नहीं बताया। वे संजीदगी से जेल अधिकारियों से बात कर रही थीं। उन्होंने केस को लेकर स्वयं को पाजिटिव बताया और कहा, "हमें कानून पर भरोसा है। मैने और बेटे ने कुछ भी गलत नहीं किया है।" लंच में चने की दाल से गिरिबाला ने किया इनकार बुधवार दोपहर 12 बजे दोनों को खाना दिया गया, जिसमें करेले की सब्जी, चने की दाल, रोटी और सादे चावल शामिल थे। गिरिबाला सिंह ने चने की दाल खाने से इनकार किया। उन्होंने जेल प्रबंधन को बताया कि वह चने की दाल नहीं खाती हैं। वहीं समर्थ ने दाल सहित पूरा भोजन लिया। मेडिकल चेकअप में दोनों फिट, कोई दवा नहीं चल रही जेल प्रशासन के अनुसार गिरिबाला सिंह का मेडिकल चेकअप किया गया है। वह शारीरिक रूप से फिट हैं और उन्हें किसी बीमारी की शिकायत नहीं है। उन्होंने बताया कि कोई नियमित दवा नहीं चल रही है। समर्थ का मेडिकल चेकअप बुधवार को किया जाना है। हालांकि वह खुद को फिजिकली फिट बता रहा है। बेटे सिद्धार्थ ने की मुलाकात, गिरिबाला सामान्य तो समर्थ तनाव में दिखा बुधवार सुबह गिरिबाला सिंह और समर्थ से मुलाकात के लिए बड़ा बेटा सिद्धार्थ जेल पहुंचा। उसने पहले समर्थ और फिर गिरिबाला सिंह से मुलाकात की। जेल सूत्रों के अनुसार गिरिबाला के चेहरे पर कोई खास तनाव नजर नहीं आया और उन्होंने रात को सामान्य नींद ली। वहीं समर्थ घबराया हुआ था और उसकी रात बेचैनी में गुजरी। जेल में मां-बेटे को यह मिली है पहचान जिन आदेशों पर कभी सैकड़ों आरोपी भोपाल सेंट्रल जेल पहुंचे, मंगलवार को पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह भी उसी जेल में दाखिल हुईं। ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई रिमांड पूरी होने के बाद कोर्ट ने गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद दोनों को भोपाल सेंट्रल जेल में दाखिल कराया गया। जेल प्रशासन के अनुसार गिरिबाला सिंह को महिला विंग के मेडिकल खंड में रखा गया है। अदालत ने उन्हें अन्य बंदियों से अलग रखने की मांग स्वीकार कर ली थी। यहां उनके साथ चार अन्य महिला कैदी हैं। जेल रिकॉर्ड में उन्हें आमद नंबर 71 दिया गया है, जो उनकी नई पहचान है। वहीं समर्थ सिंह को सेंट्रल जेल की बैरक नंबर-4 के बी खंड में रखा गया है, जहां उसके साथ 15 अन्य कैदी हैं। समर्थ को आमद नंबर 1782 दिया गया है। जानिए जेल में दोनों को क्या कुछ दिया गया जेल में दोनों को नियमों के अनुसार सामान्य सुविधाएं दी गई हैं। उन्हें एक-एक थाली, कटोरी और चादर उपलब्ध कराई गई है। जेल की दिनचर्या के मुताबिक सुबह 6 बजे चाय, 7 बजे नाश्ता, 11 से 12 बजे के बीच भोजन, दोपहर 3 बजे चाय और शाम 6 बजे रात का खाना दिया जाएगा। कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाया था। दोनों आरोपियों को पीछे के गेट से कोर्ट लाया गया। आसपास मौजूद लोगों को मोबाइल इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी गई। कोर्ट में ट्विशा के वकील पर मीडिया ट्रायल कराने के आरोप लगाए गिरिबाला की ओर से लीगल एड डिफेंस की टीम ने पक्ष रखा, जबकि समर्थ की ओर से अधिवक्ता एनॉश जॉर्ज कार्लो पेश हुए। कोर्ट में गिरिबाला ने ट्विशा के वकीलों पर मीडिया ट्रायल कराने का आरोप लगाया। इससे पहले उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा था। ये खबर भी पढ़ें… ट्विशा केस- CBI ने 80kg की डमी फंदे पर लटकाई भोपाल के ट्विशा शर्मा डेथ केस की जांच कर रही CBI टीम सोमवार को सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ को लेकर घटनास्थल पहुंची। टीम ने वहां घटना का रीक्रिएशन कर यह समझने की कोशिश की कि उस दिन क्या हुआ था। पूरी खबर पढ़ें…
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