मूल्य खरीदार भारत बांड उठाते हैं; अमेरिका-ईरान युद्ध की आशंका, तेल पर खतरा मंडरा रहा है
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
पिछले सत्र में बिकवाली के बाद गुरुवार को भारतीय सरकारी बांडों में तेजी आई। हालाँकि, तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी ट्रेजरी पैदावार ने बाजार की समग्र प्रगति को सीमित कर दिया। विशेष रूप से, विदेशी ऋणदाताओं ने जून में भारतीय बांडों में काफी निवेश किया, जो मजबूत प्रवाह का संकेत है। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों ने संभावित सूचकांक समावेशन की आशा करते हुए, पूरी तरह से सुलभ मार्ग बांड में रुचि दिखाई, जबकि व्यापारियों द्वारा सावधानी बरतने के कारण रातोंरात सूचकांक स्वैप दरें स्थिर रहीं।