क्या भारतीय कम स्वाइप कर रहे हैं? क्रेडिट कार्ड की कहानी बड़ी हो गई है, उपयोगकर्ता आधार नहीं
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
पिछले एक दशक में भारत का क्रेडिट कार्ड बाज़ार काफ़ी बढ़ा है। हालाँकि, वैश्विक बेंचमार्क की तुलना में क्रेडिट कार्ड की पहुंच कम बनी हुई है। युवा उपभोक्ताओं और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अब क्रेडिट कार्ड स्वामित्व में वृद्धि देखी जा रही है। क्रेडिट कार्ड को अब यूपीआई जैसे डिजिटल भुगतान तरीकों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। महामारी संबंधी चुनौतियों के बाद पोर्टफोलियो की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।