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गर्भावस्था के दौरान पर्यावरणीय हार्मोन के संपर्क में आने से शिशुओं में एटोपिक जिल्द की सूजन का खतरा बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य और पर्यावरण 08/07/2026 Khan 👁 10
⚡ ⚡ त्वरित सारांश

शोध से पता चला है कि पर्यावरणीय हार्मोन कहे जाने वाले फ़ेथलेट्स के संपर्क में आने वाले भ्रूण और नवजात शिशुओं में एटोपिक जिल्द की सूजन विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। गेटी इमेजेज शोध से पता चला है कि भ्रूण के समय से लेकर प्रारंभिक जन्म तक पर्यावरणीय हार्मोन के संपर्क में आने से एटोपिक जिल्द की सूजन विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। प्रोफेसर कांग-मो अह्न, जी-ह्यून किम, और मिन-यंग जियोंग, बाल रोग विभाग, सैमसंग सियोल अस्पताल, राष्ट्रीय यहूदी स्वास्थ्य, यू.एस.

📖 लेख स्रोत — KO 🌐 हिंदी में पूरा लेख पढ़ें ← वापस

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