बिना रेट बढ़ाए भारतीय रुपये को कैसे मजबूत करें?
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
2025 की शुरुआत से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में काफी गिरावट आई है। पूंजी प्रवाह को बढ़ावा देने और मुद्रा को समर्थन देने के लिए उपाय पेश किए गए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक ने विदेशी मुद्रा बाज़ारों में भारी हस्तक्षेप किया है। एक प्रस्तावित विदेशी मुद्रा नकद आरक्षित अनुपात मुद्रा की बढ़त और अंतराल को हल कर सकता है। इस पहल का उद्देश्य नीतिगत ब्याज दरों में बदलाव किए बिना रुपये को स्थिर करना है।