फेड का दांव आसान होने से 10 साल की उपज घटकर 6.64% रह गई
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों से दरों में बढ़ोतरी की चिंता कम होने से भारत सरकार के बांड में और बढ़त देखने को मिल सकती है। एक प्रमुख सूचकांक में भारतीय सॉवरेन बांड का संभावित समावेश भी बांड की कीमतों का समर्थन करता है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट इन बांडों के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण में और योगदान देती है। बेंचमार्क 10-वर्षीय पैदावार में पहले ही गिरावट आ चुकी है और इसमें और कमी आने की उम्मीद है। विश्लेषकों का अनुमान है कि निकट अवधि में यह 6.64% के स्तर तक और कम हो जाएगा।